Kishore Kumar 34th Death Anniversary 2021

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आज 13 अक्टूबर को भारतीय सिनेमा के महान पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक श्री किशोर कुमार की 34वी पुण्यतिथि है। पूरा देश उनके पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

आज 13 अक्टूबर को भारतीय सिनेमा के महान पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक श्री किशोर कुमार की 34वी पुण्यतिथि है। पूरा देश उनके पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

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किशोर कुमार :- जीवन परिचय

उनका जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम कुंजीलाल गांगुली था। वे अपने जमाने में खंडवा जिले के जाने-माने वकील थे। किशोर कुमार अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था।  

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उन्होंने अपनी पढ़ाई इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज से की थी। अपने भाई अशोक कुमार की फिल्मों में प्रभावी होने के कारण उन्हें फिल्म जगत में काम करने का मौका मिला। अपने जीवन काल में उन्होंने 90 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। 

किशोर कुमार :- फिल्म करियर

1946 में आई फिल्म “शिकारी” उनकी पहली फिल्म थी। उन्होंने अपने 90 से अधिक फिल्मों में हर तरह के किरदार निभाए। उनकी आंतरिक प्रतिभा पार्श्व गायकी का इस्तेमाल फ़िल्म “मशाल” के दौरान एस डी बर्मन ने बखूबी किया। वो एसडी बर्मन ही थे, जिन्होंने किशोर कुमार का अभिनय एवं गायकी में भरपूर साथ दिया। 1970 के दशक में इन दोनों ने सदाबहार गानों की झड़ी लगा दी। किशोर कुमार एसडी बर्मन को अपना बड़ा भाई मानते थे। 

उन्होंने अपने गायकी करियर में 1500 से ज्यादा गाने गाए। वे ना केवल हिंदी बल्कि तमिल, मराठी, असमी, गुजराती, बंगाली, तमिल, मलयालम, उड़िया, भोजपुरी तथा नेपाली गाने भी गाए थे। उनकी आखिरी फिल्म 1988 में आई कौन जीता कौन हारा था।

किशोर कुमार :- पुरस्कार

अपने अभिनय और गायिकी में उन्होंने कुल 8 फिल्म फेयर अवार्ड जीते है।1985 में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया था। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश सरकार ने 1997 में किशोर कुमार पुरस्कार नाम के अवॉर्ड की घोषणा भी की थी। किशोर कुमार हर वर्ग के गाने गाते थे। गायकी में हीं उन्हें इतनी प्रसिद्धि मिली। वे अपने वास्तविक जीवन में भी एक मस्त मौला किरदार थे।

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किशोर कुमार :- रुचि

उन्हें उपन्यास पढ़ना, टेबल टेनिस खेलना, और गाड़ी चलाने में अत्यंत रूचि थी। उनके सभी गीत सदाबहार माने जाते है, और आज भी दुनिया भर में लोग किशोर कुमार के गीतों को सुनते हैं। 

किशोर कुमार :- मृत्यु

13 अक्टूबर 1986 को अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के समय उनकी उम्र महज 58 वर्ष ही थी। उनके इच्छा के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार उनके जन्म स्थली खंडवा में ही हुआ था।

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किशोर कुमार हिंदी फिल्म-जगत के एक ऐसे धरोहर हैं, जिसे बनाने-संवारने में कुदरत को भी सदियों लग जाते हैं। उन्होंने लाखों के दिलों पर राज किया। उनकी मधुर आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोला, और आज भी बोल रहा है। किशोर कुमार बॉलीवुड का वह स्वर्णिम अध्याय हैं, जो हमेशा अमर रहेगा।

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