World Ozone Day 2021: Know Facts

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‘ओजोन परत’ पृथ्वी के वायुमंडल की एक परत है। यह परत हमें सूरज से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है।  इस परत की खोज 1913 में फ्रांस के भौतिकविदों फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी।

‘ओजोन परत’ पृथ्वी के वायुमंडल की एक परत है। यह परत हमें सूरज से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाती है।  इस परत की खोज 1913 में फ्रांस के भौतिकविदों फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी। ओजोन आक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है।

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हर साल 16 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व ओजोन दिवस को मनाया जाता है। 16 सितंबर 1995 को सर्वप्रथम विश्व ओजोन दिवस मनाया गया।

लोगों को ओजोन परत के महत्व और पर्यावरण पर पड़ने वाले उसके असर के बारे में जानकारी देने के लिए हर साल इस दिवस को मनाया जाता है। 1987 में आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र और 45 अन्य देशों ने ओजोन परत को खत्म करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे। 

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इस प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश्य ओजोन परत की कमी के लिए जिम्मेदार पदार्थों के उत्पादन को कम करके ओजोन परत की रक्षा करना था। इसी को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर, 1994 को 16 सितंबर को ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया था।

लगातार बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों के कारण आज हमारे जीवन को बचाने वाली ओजोन परत को खतरा पैदा हो गया है। ओजोन परत को नुकसान पहुंचने से जैविक विविधता पर भी असर पड़ता है और कई फसलें नष्ट हो सकती है। इनका असर सूक्ष्म जीवाणुओं पर होता है, इसके अलावा यह समुद्र में छोटे-छोटे पौधों को भी प्रभावित करती है जिससे मछलियों व अन्य प्राणियों की मात्रा कम हो सकती है।

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इस साल यानि 2021 में आयोजित होने जा रहे विश्व ओजोन दिवस की थीम ‘जीवन के लिए ओजोनः ओजोन परत संरक्षण के 35 साल’ है।  इस साल ओजोन परत संरक्षण के 35 साल पूरे हो गए हैं।

इंसानों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने वाली ओजोन परत के लिए कोरोना लॉकडाउन राहत वाला समय कहा जा सकता है। देश में लॉकडाउन का जो असर हुआ, उसका एक बड़ा फायदा ओजोन परत को भी मिला है।

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